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कॉलोनी विकास की अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल बनाने, पारदर्शिता लाने और प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए पोर्टल बनाया जाएगा

इंदौर (Indore)। इंदौर जिले (Indore District) में कॉलोनी संबंधी विकास अनुमति (Colony Development Permission) देने की प्रक्रिया को सरल तथा सहज बनाने,पारदर्शिता लाने और प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए पोर्टल बनाया जाएगा।

इस पोर्टल के माध्यम से कॉलोनी विकास संबंधी अनुमति के आवेदन लेने से लेकर, कार्य पूर्णता के प्रकरणों से संबंधित एनओसी लेने आदि कार्य किए जाएंगे। इससे जहां एक ओर कार्य समय-सीमा में होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। ज्ञात रहे कि कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी (Collector Dr. Ilaiyaraaja T) द्वारा कॉलोनी सेल में होने वाले कार्यों को संपादित किये जाने हेतु एसओपी जारी की गई है।

यह जानकारी आज यहां कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी की अध्यक्षता में संपन्न हुयी कॉलोनी सेल की बैठक में दी गयी। बैठक में कॉलोनी सेल प्रभारी तथा अपर कलेक्टर श्रीमती सपना लोवंशी क्रेडाई के श्री संदीप श्रीवास्तव और अन्य पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी की पहल पर कॉलोनी सेल में होने वालो कार्यों को समय-सीमा में सरल एवं पारदर्शी रूप से करने के लिए एसओपी जारी की गयी है। इस एसओपी में कॉलोनी संबंधी विकास अनुमति जारी करने की प्रक्रियाओं के लिए समय-सीमा का निर्धारण भी किया गया है। क्रेडाई के श्री संदीप श्रीवास्तव ने इस एसओपी के लिए कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे अनुमति प्राप्त करना आसान होगा और कार्यों में पारदर्शिता आएगी।

बैठक में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जारी एसओपी के अनुसार सभी प्रकिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कॉलोनियों में किए जाने वाले ड्रेनेज, सेप्टीक टैंक, जल प्रदाय, सड़क, बिजली, गार्डन, ओपन स्पेस आदि कार्य निर्धारित मापदंडों और पूर्ण गुणवत्ता के साथ कराए जाना सुनिश्चित किया जाए। इन कार्यों के संबंध में संबंधित विभागों के अधिकारी आवेदन आने के पश्चात निर्धारित समय में निरीक्षण कर पूर्णता प्रमाणपत्र के लिए स्पष्ट अभिमत के साथ अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

उन्होंने कहा कि कॉलोनियों में विकास कार्य हर हाल में निर्धारित मापदंडों के अनुसार होना चाहिए। सड़कों की गुणवत्ता और चौड़ाई मापदंड के अनुसार हो। गार्डन एरिया में ओवर हेड टैंक नहीं बनाए जाए। आरक्षित ओपन स्पेस में खेल मैदान के प्रावधानों का भी पालन किया जाए। मापदंड के अनुसार गार्डन विकसित कर वृक्षारोपण भी हो। सरकारी या निजी भूमि पर नाला होने पर उसके स्वरूप एवं बहाव में किसी भी तरह का परिवर्तन नहीं किया जाए। बैठक में बताया गया कि व्यापक लोकहित में मास्टर प्लान की सड़क को कॉलोनाइजर बना सकते हैं। इसमें आम नागरिकों के आवाजाही को किसी भी तरह से वे रोक नहीं सकते हैं।

बैठक में कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी कॉलोनाइजरों से कहा कि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करे। जरूरतमंदों की मदद करे। वे यह तय करे कि अपने नजदीक के किसी शासकीय स्कूल को गोद ले एवं उनके विकास तथा संसाधन की उपलब्धता के लिए सीएसआर फंड से मदद भी लेवे जिससे कि स्कूल की शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं में सकारात्मक बदलाव आए।

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