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BJP के संसदीय बोर्ड में गडकरी-शिवराज की जगह आने वालों के बारे में जानिए,

BJP के संसदीय बोर्ड में जेपी नड्डा, PM नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह अभी भी शामिल हैं

बाएं से दाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने नए संसदीय बोर्ड (Parliamentary Board) का गठन किया है. इस बोर्ड से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) को हटा दिया गया है. इन दोनों नेताओं को बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति से भी बाहर कर दिया गया है. इस संसदीय बोर्ड में बीएस येदियुरप्पा, सुधा यादव, इकबाल सिंह लालपुरा, सर्बानंद सोनोवाल और के. लक्ष्मण को नए सदस्यों के तौर पर जगह मिली. वहीं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी इस बोर्ड में शामिल हैं.

BJP का संसदीय बोर्ड
जगत प्रकाश नड्डा

जगत प्रकाश नड्डा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उन्होंने 2020 में ये जिम्मेदारी संभाली थी. इससे पहले 2019 में वो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बने थे. जेपी नड्डा का जन्म 1960 में पटना में हुआ था. जेपी नड्डा ने पहली बार 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव जीता. वो बिलासपुर से विधायक चुने गए. पांच साल बाद 1998 में उन्होंने फिर से बिलासपुर से विधानसभा चुनाव जीता. नड्डा ने 2007 में फिर से चुनाव जीता और हिमाचल प्रदेश में कैबिनेट मंत्री बने. साल 2012 में वो राज्यसभा आ गए और दो साल बाद यानी 2014 में उन्हें नरेंद्र मोदी कैबिनेट में जगह मिली. जेपी नड्डा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बनाया गया.

नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं. वर्तमान में उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से सांसद हैं. देश का प्रधानमंत्री बनने से पहले वो गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे हैं. नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था. शुरुआत में ही वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए. बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. पार्टी के अंदर वो महासचिव पद पर पहुंचे और साल 2001 में उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया. इस पद पर वो साल 2014 तक रहे. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को जीत दिलाई. अगले यानी 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उनके नेतृत्व में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की.

राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह वर्तमान में देश के रक्षामंत्री हैं. वो दो बार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और देश के गृह मंत्री भी. राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. उनका जन्म 1951 में हुआ था. अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में राजनाथ सिंह कैबिनेट मंत्री की भी भूमिका निभा चुके हैं. राजनाथ सिंह का नाम भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं में शुमार है. राजनाथ सिंह ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और शुरुआत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हिस्सा रहे. उन्होंने जेपी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था.

अमित शाह

अमित शाह वर्तमान में देश के गृह मंत्री हैं और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. उनका जन्म 1964 में बॉम्बे में हुआ था. वो देश के पहले सहकारिता मंत्री भी हैं. बीते लोकसभा चुनाव में उन्होंने गुजरात की गांधीनगर सीट से जीत हासिल की. इससे पहले वो राज्यसभा के लिए चुने गए थे. अमित शाह सबसे कम उम्र में देश के गृह मंत्री बने. अमित शाह भी शुरुआत से RSS से जुड़े रहे हैं. 1997 में वो पहली बार गुजरात में विधायक बने. फिर गुजरात में लगातार विधायक चुने गए. अमित शाह को नरेंद्र मोदी का बहुत करीबी कहा जाता है. नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए शाह ने उनकी सरकार में बहुत सी जिम्मेदारियां संभालीं. साल 2014 में वो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने.

बीएस येदियुरप्पा

बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में कर्नाटक विधानसभा में शिकारीपुरा सीट से विधायक भी हैं. येदियुरप्पा कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं और शिमोगा लोकसभा सीट से सांसद भी. उन्होंने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर भी भूमिका निभाई है. येदियुरप्पा का जन्म 1943 में हुआ था. येदियुरप्पा कॉलेज के दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं. आपातकाल के दौरान वो जेल भी गए थे. शिकारीपुरा विधानसभा सीट से येदियुरप्पा को छह बार विधायक चुना जा चुका है. 12 नवंबर 2007 को वो पहली बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने. हालांकि, सात दिन बाद यानी 19 नबंर को उन्हें इस पद से इस्तीफा देना पड़ा. दरअसल, JD(S) ने बीजेपी को दिया गया समर्थन वापस ले लिया था. साल 2008 में बीजेपी ने उनके नेतृत्व में कर्नाटक चुनाव जीता और येदियुरप्पा फिर से मुख्यमंत्री बने. साल 2012 में उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया. बाद में फिर से पार्टी में शामिल हो गए.

सर्बानंद सोनोवाल

सर्बानंद सोनोवाल असम के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वर्तमान में केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा हैं. पिछले साल असम से राज्यसभा के लिए चुने गए थे. सर्बानंद सोनोवाल असम बीजेपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. वो साल 2016 में असम में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बने. सर्बानंद सोनोवाल का जन्म 1962 में हुआ. डिब्रूगढ़ यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई की. सर्बानंद सोनोवाल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन से की. वो संगठन के अध्यक्ष रहे. बाद में असम गण परिषद में शामिल हुए. साल 2001 में विधायक चुने गए. 2004 के लोकसभा चुनाव में डिब्रूगढ़ से जीते. 2009 में लोकसभा चुनाव हारे और 2011 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. 2014 में उन्होंने लखीमपुर से लोकसभा चुनाव जीता. बीजेपी में शामिल होते ही उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल कर लिया गया था.

के लक्ष्मण

डॉक्टर के लक्ष्मण वर्तमान में बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. वो तेलंगाना बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. वो मुशीराबाद विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं. ओस्मानिया यूनिवर्सिटी में पढ़ते हुए वो ABVP के सदस्य थे. 1980 में वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. पार्टी के अंदर लगातार उनका कद बढ़ता गया. 1994 में उन्होंने पहली बार मुशीराबाद से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन बहुत कम अंतर से कांग्रेस उम्मीदवार से हार गए. पांच साल बाद वो इसी विधासनभा सीट से विधायक चुने गए. अगले दो विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर से बहुत कम अंतर से हार मिली. साल 2014 में उन्होंने फिर से विधानसभा चुनाव जीता. 2016 में उन्हें तेलंगाना बीजेपी का अध्यक्ष बनाया गया.

इकबाल सिंह लालपुरा

पूर्व IPS अधिकारी इकबाल सिंह लालपुरा 2012 में बीजेपी में शामिल हुए थे. लालपुरा राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं. पंजाब में आतंकवाद के दौर में लालपुरा एक सक्रिय पुलिस अधिकारी थे. वो उन तीन अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें जरनैल सिंह भिंडरावाले को अरेस्ट करने के लिए चुना गया था. लालपुरा को प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल से सम्मानित किया जा चुका है. लालपुरा पंजाब से रोपड़ जिले से वास्ता रखते हैं. चुनावों में उन्हें अभी तक कोई खास सफलता नहीं मिली है.

सुधा यादव

सुधा यादव हरियाणा से वास्ता रखती हैं. वर्तमान में वो भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय सचिव हैं. साल 1999 में उन्होंने हरियाणा की महेंद्रगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव जीता था. उनके पति सुखबीर सिंह यादव कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे. सुधा यादव पेशे से लेक्चरर हैं. 2004 में वो महेंद्रगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव हार गई थीं. अगले लोकसभा चुनाव में भी उन्हें गुड़गांव सीट से हार का सामना करना पड़ा था. साल 2015 में सुधा यादव को बीजेपी ओबीसी मोर्चा का प्रभारी नियुक्त किया गया था. सुधा यादव ने रुड़की विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है.

सत्यनारायण जटिया

सत्यनारायण जटिया बीजेपी के दिग्गज नेताओं में शामिल हैं. सत्यनारायण जटिया का जन्म 1946 में नीमच में हुआ था. वो मध्य प्रदेश की उज्जैन लोकसभा सीट से सात बार सांसद रह चुके हैं. अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में वो केंद्रीय मंत्री भी रहे. साल 2014 में जटिया मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए भी चुने गए. जटिया ने 1972 में राजनीति में कदम रखा और आपातकाल के दौरान जेल भी गए. फिलहाल वो सक्रिय राजनीति से लगभग दूर ही हैं.

बीएल संतोष

बीएल संतोष वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं. वो कर्नाटक बीजेपी के महासचिव रह चुके हैं. संतोष कर्नाटक के उडूपी से आते हैं और उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. बीएल संतोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं. साल 2006 में उन्हें कर्नाटक बीजेपी का महासचिव नियुक्त किया गया. इस पद पर वो 2014 तक रहे. इस दौरान 2008 में बीजेपी ने कर्नाटक में सरकार बनाई. बताया जाता है कि कर्नाटक बीजेपी पर संतोष की की अच्छी खासी पकड़ है

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प्रोग्रेस ऑफ़ इंडिया

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