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हंसल मेहता की ‘स्कैम 2010’ मुश्किलों में, सहारा इंडिया परिवार ने सीरीज को दिया अपमानजनक करार

Hansal Mehta's 'Scam 2010' in trouble, Sahara India Parivar termed the series as insulting

‘स्कैम 1992’ के बाद हंसल मेहता ने ‘स्कैम 2010- द सुब्रत रॉय सागा’ का एलान कर दिया है। इस सीरीज की कहानी दिवंगत व्यवसायी सुब्रत रॉय के जीवन पर केंद्रित होगी। सीरीज के नाम में ‘स्कैम’ शब्द के उपयोग को लेकर सहारा इंडिया परिवार ने हंसल मेहता की कड़ी निंदा की है और कानूनी कार्रवाई करने पर विचार करने के लिए भी कहा है। सहारा इंडिया परिवार ने इसे सस्ता और व्यापक प्रचार बताया है। सहारा ने कहा है, ‘किसी को भी उस व्यक्ति की सद्भावना और प्रतिष्ठा को कम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो अपनी रक्षा के लिए उपलब्ध नहीं है।’
सहारा इंडिया परिवार ने हंसल मेहता के इस परियोजना की जानकारी होने पर एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने हंसल मेहता की परियोजना की निंदा की है। बयान में कहा गया है, ‘सस्ते और व्यापक प्रचार के लिए ‘स्कैम’ के निर्माताओं द्वारा ‘स्कैम 2010: द सुब्रत रॉय सागा’ के निर्माण की घोषणा निंदनीय और अपमानजनक है। सहारा इंडिया परिवार इसमें शामिल सभी व्यक्तियों और पार्टियों की कड़ी निंदा करता है और उनके इस अपमानजनक व्यवहार का विरोध भी करेगा।’
सहारा इंडिया ने जारी बयान में यह भी कहा है कि इस संबंध में, पीड़ित सदस्य निर्माता, निर्देशक और अवैध चित्रण करने में शामिल सभी लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की सलाह मांग रहे हैं।
सहारा इंडिया परिवार का मानना है कि ‘सेबी’ और ‘सहारा’ के बीच विवाद अभी भी सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की कार्यवाही को प्रभावित करने का कोई भी प्रयास न्यायालय की अवमानना मानी जाएगी इसके अलावा यह अपराध की श्रेणी में भी आएगा।
सहारा इंडिया ने जारी बयान में कहा है कि स्वतंत्र भाषण और अभिव्यक्ति के अधिकार की आड़ में, किसी को भी उस व्यक्ति की प्रतिष्ठा को कम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जो अपनी रक्षा के लिए उपलब्ध नहीं है। बयान में आगे कहा गया है, ‘तथाकथित वेब सीरीज के शीर्षक में ‘स्कैम’ शब्द का उपयोग और इसे सहारा से जोड़ना प्रथम दृष्टया अपमानजनक लगता है, और सहाराश्री जी और सहारा इंडिया परिवार की छवि और प्रतिष्ठा को कम करता है। सहारा इंडिया परिवार कभी भी किसी चिटफंड गतिविधि में शामिल नहीं रहा है। यहां तक कि सहारा-सेबी मुद्दा भी सहारा द्वारा जारी ओएफसीडी बांड पर सेबी के अधिकार क्षेत्र पर एक विवाद था।’

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