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तीन दिन में ताड़े गए 268 मकान, टूटकर बिखर गई भदभदा बस्ती

268 houses were razed in three days, the ugly settlement was broken into pieces

भोपाल । आंखों के सामने ईंट-ईंट करके जोड़ा सपनों का आशियाना उजड़ गया, बेबस बिखलते रह गए, आंसू पौंछते हुए अपना समान समेटते हुए बस व्यवस्था को कोसते रहे। होटल ताज के सामने भदभदा बस्ती में शुक्रवार को नगर निगम ने 129 मकानों पर बुलडोजर चलाया। तीन दिन शुक्रवार को 386 में से 268 मकानों को जमींदोज किया गया। वहीं बचे हुए 118 परिवारों से भी सहमति मिल गई है। शनिवार को इनके मकानों को भी गिरा दिया जाएगा। इधर कार्रवाई के विरोध में रहवासी मानव अधिकार आयोग भी पहुंच गए हैं और निगम प्रशासन के द्वारा की जा रही मनमानी की शिकायत की है।
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह और नगर निगम कमिश्नर फ्रैंक नोबल ए का रहवासियों से कहना था कि बीते 24 जुलाई 2023 को शपथ पत्र देकर दिसम्बर 2023 तक का समय मांगा गया था, जो बीत चुका है। इसलिए अब हर हाल में कार्रवाई होगी। हालांकि कार्रवाई के विरोध में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रशासन ने रहवासियों को वैकल्पिक आवास देने को कहा। लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई घोषणा नहीं की गई।
बुधवार सुबह छह बजे से ही बस्ती में बुलडोजर चलने शुरू हो गए। करीब तीन घंटे में ही यहां 129 मकानों को जमींदोज कर दिया गया। दिनभर रहवासी अपना-अपना सामान समेटते रहे। शाम पांच बजे अधिकारी बस्ती से बाहर निकल गए। जो मकान बच गए हैं, उनके रहवासियों से कहा है कि शनिवार की सुबह सभी मकान खाली मिलना चाहिए।
शुक्रवार को रहवासी मानव अधिकार आयोग पहुंचे। जहां उन्होंने कलेक्टर, निगम कमिश्नर, एसडीएम, अपर आयुक्त और अधीक्षण यंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में रहवासियों ने प्रशासन पर जीवन के मौलिक अधिकार, भोजन, शिक्षा, काम, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और स्वतंत्रता के अधिकारों को छिनने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया कि प्रशासन ने सुविधाओं से वंछित करते हुए बिना सूचना, बिना विस्थापन किए बच्चों को परीक्षा से वंचित किया।

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