Madhya Pradesh : आगे आने वाले त्योहारों और अपराधियों में पुलिस का खौफ बरकरार रहे इसके लिए बेसिक पुलिसिंग मानी जाने वाली सड़कों पर पुलिस की पैदल गश्त आज पूरे प्रदेश में डीजीपी के निर्देश के बाद दिखाई दी।

- HIGHLIGHTS
- डीजीपी सुधीर सक्सेना ने भी की भोपाल में दो घण्टे
- पैदल गश्त1 हजार थानों के प्रभारी, 550 चौकी प्रभारी पैदल गश्त पर निकले
- पैदल भ्रमण में पुलिस अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं भी जानीं
Madhya Pradesh : आगे आने वाले त्योहारों और अपराधियों में पुलिस का खौफ बरकरार रहे इसके लिए बेसिक पुलिसिंग मानी जाने वाली सड़कों पर पुलिस की पैदल गश्त आज पूरे प्रदेश में डीजीपी के निर्देश के बाद दिखाई दी। इसी बेसिक पुलिसिंग को डीजीपी सुधीर सक्सेना के निर्देश पर पूरे प्रदेश में पैदल भ्रमण अभियान के तौर पर किया गया। इस दौरान शनिवार शाम के 6 से 8 बजे तक प्रदेश के सभी जोन के आईजी-पुलिस कमिश्नर, डीआईजी-एडिशनल सीपी, एसपी-डीसीपी, एएसपी-एडिशनल डीसीपी, एसडीओपी-असिस्टेंट सीपी के साथ एक हजार थानों के प्रभारी और 550 चौकियों के चौकी प्रभारी पैदल गश्त पर निकले।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं भी जानीं
पूरे प्रदेश में पुलिस अधिकारियों ने भ्रमण के दौरान पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा अपने-अपने जिलों में भीड़-भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त की गई। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने आमजन से जनसंवाद भी किया। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक पैदल गश्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करना, आम लोगों के बीच पुलिस की उपलब्धता और दृश्यता सुनिश्चित करना है।
आम जनमानस से पुलिस को सम्पर्क मे रहना और व्यापारी, मजदूर, ड्राईवर आदि लोगों से गश्त के दौरान वार्तालाप करना साथ ही उनकी समस्याओं को समझकर उनका निराकरण करना, आपराधिक और असामाजिक तत्वों पर नजर रखना, रोड और संवेदनशील क्षेत्रों में उपस्थित रहना मकसद है। इस तरह की पैदल गश्त पूरे प्रदेश में नियमित अंतराल पर सुनिश्चित की जायेगी।
प्रदेश में पैदल गश्त का ये रहा मकसद
पैदल गश्त का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों को गश्त का महत्व समझाना और मनोबल बढ़ाने के साथ ही प्वाइंट आइडेंटीफाई करना है। ताकि महिला, बच्चे बुजुर्ग और आमजनों के बीच सुरक्षा का माहौल बना रहे। भोपाल में डीजीपी सुधीर सक्सेना ने अधिकारियों के साथ लगभग दो घण्टे तक कोतवाली थाना से पीरगेट, चौक बाजार, इतवारा चौराहा, मंगलवारा, घोड़ा नक्कास, नादरा बस स्टेण्ड, हनुमानगंज, टीलाजमालपुरा, गौतमनगर और शाहजहांनाबाद थाने तक पैदल भ्रमण किया। गौरतलब है कि यह इलाका कानून व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है और सभी महत्वपूर्ण त्यौहारों पर जुलूस और चल समारोह यहीं से गुजरते हैं।
क्या बोले डीजीपी सुधीर चौधरी
इस मौके पर डीजीपी सुधीर चौधरी ने कहा शाम के समय व्यस्त रास्तों पर बाजारों में और अहम जगहों के संवेदनशील रास्तों पर पुलिस का भ्रमण एक बेसिक पुलिसिंग की पुरानी परंपरा है, उसी में हम और सक्रियता लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए आज पूरे मध्य प्रदेश में जितने भी मैदानी पुलिस अधिकारी हैं, सभी आईजी, सभी डीआईजी, एसपी, सभी एडिशनल एसपी, सभी एसडीओपी, और पूरे थाना प्रभारी, पूरे चौकी प्रभारी, सभी लोगों को यह कहा गया कि अपने इलाकों में शाम के समय 2 घंटे तक पैदल भ्रमण करें और जायजा लें कि किस तरीके से पुलिसिंग बेहतर हो सकती है।
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संपादन : आर पी त्रिपाठी
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