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MP BJP वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने जेपी नड्डा को लिखा- जैसे कोई पागल हाथी अपनी सेना को कुचलता है, वैसा ही भोपाल में हो रहा

BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने भोपाल के बीजेपी मुख्यालय को तोड़ने का तीखा विरोध किया है. उन्होंने इस बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा JP Nadda को एक पत्र लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा है कि अगर बुलडोजर चलेगा तो मैं ऐसा नहीं होने दूंगा. दरअसल, बीजेपी भोपाल में नए मुख्यालय के लिए पुराने कार्यालय को तोड़ने की तैयारी कर रही है. इस बारे में बाकायदा जेपी नड्डा ने स्वीकृति दी है.

भोपाल। भोपाल स्थित प्रदेश बीजेपी मुख्यालय को तोड़ने के विरोध में पार्टी के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा उतर आए हैं. उन्होंने कार्यालय तोड़ने के खिलाफ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा है. तीन पन्ने के पत्र में रघुनंदन शर्मा ने लिखा है कि कार्यालय तोड़ना ऐसा है जैसे पागल हाथी अपनी सेना को कुचल डालता है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कहीं बुलडोजर के आगे छाती अड़ाकर खड़ा न होना पड़े.

बीजेपी के पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा का पत्र

हाईटेक कार्यालय बनाने की तैयारी : दरअसल, बीजेपी भोपाल सहित अन्य राज्यों में हाई टेक कार्यालय बनाना चाहती है. इसी सिलसिले में भोपाल बीजेपी मुख्यालय पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. पार्टी ने बाकायदा कार्यालय के सामने पुराने आरटीओ को अपना अस्थाई कार्यालय बनाना शुरू कर दिया है. राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सहमति के बाद नया बीजेपी प्रदेश कार्यालय बनाया जा रहा है.

बीजेपी के पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा का पत्र

दिल्ली में पार्टी की दुर्गति का उदाहरण दिया : बीजेपी के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने चिट्ठी में दिल्ली में बने हाईटेक कार्यालय का भी जिक्र किया है. उन्होंने लिखा है कि जनसंघ के जमाने से पार्टी के सत्ता में आने तक हमने टप्परनुमा कमरों में बैठकर पार्टी संगठन को खड़ा किया है. हमने दिल्ली में राजमहल जैसा विशाल कार्यालय तो बना लिया लेकिन संगठन सिकुड़ गया. उन्होंने लिखा कि विधानसभा में हम दो- दो बार दहाई की संख्या पार नहीं कर पाए. बड़े भवनों में बैठकर छोटे ह्रदय से विशाल संगठन खड़ा करेंगे, ये सोच भी असफल साबित हुई.
कार्यालय टूट रहा, वरिष्ठ नेताओं को भनक नहीं : शर्मा ने पत्र में लिखा है कि भाजपा कार्यालय तोड़े जाने का निर्णय लिए जाने से पूर्व प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को विश्वास में नहीं लिया गया. सुमित्रा महाजन, विक्रम वर्मा, हिम्मत कोठारी, मेघराज जैन, रघुनंदन शर्मा, भंवर सिंह शेखावत, माखन सिंह चौहान में से किसी से भी परामर्श नहीं लिया गया. आज ये सब लोग पदाधिकारी नहीं हैं, परंतु क्या अब इन सबको मिलाकर संगठन नहीं कहलाता . उन्होंने इस तरह के निर्णय को तुगलकी भी करार दिया है .

31 साल पहले बना था मुख्यालय : भाजपा के इस कार्यालय ने 1991 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के कार्यकाल में आकार लिया था. तब हबीबगंज रेलवे स्टेशन विस्तार ले रहा था. करीब ढाई एकड़ का भूखंड पार्टी दफ्तर के लिए आरक्षित किया गया था. यहां 20 हजार वर्ग फीट की बिल्डिंग बनाई गई. करीब 27 हजार वर्ग फीट पर कमर्शियल स्पेस है

रिपोर्ट

प्रोग्रेस ऑफ़ इंडिया न्यूज

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