राज्यधर्म

महोदव के साथ पार्वती को लगाई गई मेहंदी, आज निकलेगी भोलेनाथ की बरात, चंद्रशेखर रूप में रचाएंगे विवाह

Mehndi was applied to Parvati along with Sir, Bholenath's wedding procession will take place today, marriage will be organized in the form of Chandrashekhar.

रायपुर। सर्वार्थसिद्धि, शिव योग और शुक्र प्रदोष व्रत के संयोग में मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर गुरुवार को भोलेनाथ की बरात निकाली जाएगी। भूत, प्रेत के साथ देवगण का रूप धारण कर युवा बरात में शामिल होंगे। नहरपारा स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पांचदिवसीय महाशिवरात्रि पर्व का शुभारंभ हुआ। भोलेनाथ, पार्वती को मेहंदी लगाने की रस्म निभाई गई। 7 मार्च को गाजे-बाजे के साथ निकलने वाली बरात आकर्षण का केंद्र होगी। 8 मार्च को महाशिवरात्रि पर सुबह से जलाभिषेक करने श्रद्धालु उमड़ेंगे। दोपहर को शिवलिंग का मनमोहक श्रृंगार और रात्रि में भस्म आरती की जाएगी।
प्राचीन शिवालय बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में बाबा बूढ़ेश्वरनाथ चंद्रशेखर स्वरूप धारण कर विवाह रचाएंगे। पूरे मंदिर को वैवाहिक स्थल के रूप में सजाया जा रहा है। रायपुर पुष्टिकर समाज के मुख्य ट्रस्टी चंद्र प्रकाश व्यास ने बताया कि बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर लगभग 400 वर्ष प्राचीन है। भगवान भोलेनाथ की बारात का दृश्य मंदिर के बाहर स्थल में देखने को मिलेगा। मंदिर के गर्भ गृह को वैवाहिक वेदी का स्वरूप दिया जा रहा है, जहां पर भगवान शिव पार्वती फेरे लेते हुए नजर आएंगे और सभी देवतागण उन पर पुष्प वर्षा करते हुए दिखेंगे।
प्रबंधक ट्रस्टी विजयलक्ष्मी बोहरा ने बताया कि महाशिवरात्रि के आयोजन के लिए समाज के युवाओं की पूरी टीम पिछले 10 दिनों से सक्रिय है। 8 मार्च को प्रात: 4.45 बजे भस्म आरती पंचामृत अभिषेक किया जाएगा तत्पश्चात प्रात: 7 बजे से आम भक्तगण जलाभिषेक कर सकेंगे उसके बाद दोपहर 12 बजे भगवान भोलेनाथ को राजभोग अर्पित किया जाएगा। शाम 4 बजे से भगवान भोलेनाथ के चंद्रशेखर स्वरूप के दर्शन प्रारंभ होंगे जो देर रात्रि तक चलेंगे। रात्रि 12 बजे से महानिशा पूजा का आयोजन भी किया गया है |
योगेश्वर महादेव: संत कंवरराम नगर, कटोरा तालाब स्थित श्री योगेश्वर महादेव मंदिर महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।मंदिर समिति के प्रेमप्रकाश मंध्यानी एवं पुजारी दर्शन केएन सोनारो ने बताया कि 7 को रात्रि 10 बजे से जागरण, भजन एवं कीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी। 8 मार्च को सुबह 4 बजे अभिषेक, गुप्त आरती के बाद शिव दर्शन मार्ग खोला जाएगा।8 मार्च को सुबह 7.30 बजे जलाभिषेक, दूसरी महाआरती, शाम 7 बजे आरती पश्चात प्रसाद वितरित किया जाएगा। रात्रि 12 बजे पल्लव, अरदास एवं भगवान श्री भोलेनाथ की परिक्रमा की जाएगी।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय नवा रायपुर में शिव दर्शन एवं अध्यात्मिक मेला का शुभारंभ हो चुका है, मेले में शिव झांकी का दर्शन रात्र 10 बजे तक किया जा सकता है। मेले का प्रमुख आकर्षण द्वाद्वश ज्योतिर्लिंग होंगे।
महादेवघाट: महादेवघाट स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर अभिषेक, पूजन के पश्चात मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा। खारुन नदी के किनारे लगने वाले महाशिवरात्रि में भी हजारों दर्शक शामिल होंगे।
शिवजी का गन्ना रस, पंचामृत, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

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