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रात के अंधेरे में हुआ अवैध रेत उत्खनन, खदान से निकली ट्रकों से हो रहे हैं हादसे

Illegal sand excavation took place in the dark of night, accidents are happening due to trucks coming out of the mine.

डौंडी। बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के वनांचल ग्राम बेलोदा से होकर गुजरने वाली तांदुला नदी में अवैध रेत खनन का काम एक बार फिर से शुरू हो गया है। एक मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग की दिखावे की कार्रवाई से कुछ दिनों के लिए रेत माफियाओं ने काम बंद कर दिया था, किंतु पिछले कुछ दिनों से रात के अंधेरे में पुनः रेत खनन और परिवहन का खेल शुरू कर दिया गया है जो रात ग्यारह बजे से शुरू होकर सुबह 6 बजे तक निरंतर जारी रहता है।
पिछले रविवार को घोटिया से झलमला जाने वाले मार्ग पर एक दुर्घटना में एक व्यक्ति की घटनास्थल पर मौत और एक के घायल होने की घटना घटित हुई थी। जिस ट्रक से ये घटना घटित हुई थी बताया जाता है कि वो बेलोदा से ही रेत लेकर जा रहा था।
बुधवार को हमारे प्रतिनिधि जब ग्राम बेलोदा के वन क्षेत्र में संचालित खदान पहुंचे तो वहां का हाल देखकर दंग रह गए। नदी का सीना चीरकर लगभग 6 से 7 फीट गहराई तक रेत का खनन कर परिवहन किया जा चुका है। नदी में तीन अलग-अलग जगहों से रेत का उत्खनन कर रेत परिवहन के सबूत साफ देखे जा सकते हैं। वहीं दिन में चैन माउंटिंग मशीन को रेत खदान से दूर दूसरे छोर में छुपा कर खड़ा कर दिया जाता है और रात होते ही नदी के सीने में मशीन को उतार कर रेत के उत्खनन और परिवहन का कार्य शुरू कर दिया जाता है।
बेलोदा में रेत खनन के इस अवैध कार्य में प्रमुख रूप से ललित, प्रेम, संजय सहित कुल 10 लोग संलिप्त है जिनके द्वारा बेलोदा के कुछ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को भी संलिप्त किया हुआ है और रेत खदान जाने वाले रास्ते पर बांस का गेट बनाकर बैरियर भी बनाया गया है, जिसे रात में बंद कर सिर्फ रेत ले जाने के लिए जाने वाली ट्रकों के लिए ही खोला जाता है, वहीं आमाबाहरा और झलमला से गोड़पाल होकर बेलोदा पहुंचने वाले दोनो रास्तों पर कुछ लोगो को तैनात किया जाता है जो हर आने जाने वाली गाड़ियों की खबर खदान में खड़े रेत माफियाओं को देते है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में ही खनिज और राजस्व विभाग द्वारा चेन माइंटिंग मशीन को जप्त करने की कार्रवाई कर दी जाती तो ये अवैध कार्य तभी बंद हो जाता किंतु कोई ठोस कार्यवाही नही होने के कारण एक ओर जिला प्रशासन की जहां किरकिरी हो रही है वहीं रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद है।
बालोद जिला खनिज अधिकारी मीनाक्षी साहू ने कहा, मैं बाहर थी, अब आ गई हूं, आपके द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई फोटो और वीडियो के आधार पर टीम भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
डौंडी एसडीएम आरके सोनकर ने कहा, सोमवार को टीम भेजी गई थी, मशीन दूसरे किनारे पर खड़ी थी, ऑपरेटर नही होने के कारण और दिन में कोई भी खनन का कार्य नहीं होने के कारण वापस आ गए थे, रात में कार्रवाई के लिए टीम भेजी जाएगी और मशीन को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत बेलोदा सरपंच जगनू मंडावी ने कहा, मेरे द्वारा कई बार ग्राम के जनप्रतिनिधियों को इस अवैध रेत खनन के कार्य को बंद करवाने हेतु कहा है, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है, यदि कोई बड़ी घटना घट गई तो पूरी जवाबदारी ग्राम पंचायत पर आ जायेगी इसलिए मेरे द्वारा जल्द ही जिला प्रशासन को लिखित में जानकारी दे दी जाएगी कि इस अवैध कार्य में ग्राम पंचायत का कोई लेना देना नही है।

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