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जल बचाने के लिए 42 गांव की 111 पहाड़ियों में डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीणों ने खोदे सवा दो लाख गड्ढे

To save water, more than 1.5 lakh villagers dug 2.25 lakh pits in 111 hills of 42 villages.

राजनांदगांव। जल ही जीवन है.. इस नारे के साथ जिला पंचायत की टीम ने अविभाजित राजनांदगांव जिले के 42 गांवों की 111 पहाड़ियों पर जल संरक्षण करने सवा दो लाख गड्ढे किए हैं। तालाब का निर्माण कराया है, जिससे पहाड़ियों के गड्ढों से होकर तालाब में आने वाले जल को संरक्षित किया जा सके। इन पंचायतों ने जल रक्षा के लिए एक करोड़ 16 लाख रुपये खर्च किया है। पहाड़ियों पर हुए इस कार्य में डेढ़ लाख से अधिक ग्रामीणों ने श्रमदान भी किया है।

इसके अलावा अविभाजित राजनांदगांव जिले में ग्रामीण क्षेत्र व फारेस्ट एरिया के दस लाख से अधिक हेक्टियर में जिला प्रशासन जल संरक्षण के लिए काम कर रहा है। छुरिया ब्लाक में मासुल, बुचाटोला, धरमुटोला, खोभा, महरूम, गुंडरदेही व कलडबरी, डोंगरगांव ब्लाक में बड़भूम चारभाठा, ओड़ारबांध, गुंगेरी नवागांव, बनहरदी, कोकपुर, डोंगरगढ़ के एलबी नगर, खलारी व अछोली, राजनांदगांव में ग्राम देवडोंगर, मोहला ब्लाक के रामगढ़, वासडी, कंदाडी, गोटाटोला, मटेवा, जोबटोला गड्ढे खोदे गए हैं।

इसी प्रकार मानपुर ब्लाक में बोरिया, इरागांव, जामड़ी, कहडबरी, तारेकट्टा व कोरचा, चौकी ब्लाक में चोरपानी, झिटिया, साल्हे, कुसुमकसा, सांगली, हितागुटा व गोपलिनचुवा, खैरागढ़ के मुढ़ीपार, चिचका, बोडेनवागांव व करेला, छुईखदान ब्लाक में नादिया, नचनिया, समनापुर व बंजारपुर गांव की पहाड़ी में जल रक्षा के लिए गड्ढे किए गए हैं। ग्राउंड वाटर लेवल के साथ बढ़ेगी हरियाली जिला पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार डोंगरगांव के 76 पंचायतों के 98 गांवों में 410 जगहों पर जल संवर्धन के लिए काम हो रहा है।

इसी तरह छुरिया में 118 पंचायतों के 175 गांवों में 855 टैंकनुमा तालाब बनाया जा रहा है। डोंगरगढ़ के 101 पंचायतों के 149 गांवों में 683 काम हो रहे हैं। राजनांदगांव ब्लाक के 112 पंचायत के 148 गांवों में 608, मोहला के 57 पंचायत के 135 गांवों में 304, मानपुर के 59 पंचायत के 171 गांवों में 506, चौकी के 69 पंचायत के 106 गांवों में 266, खैरागढ़ के 114 पंचायत के 201 गांवों में 881 और छुईखदान के 107 पंचायत के 175 गांवों में 685 जगहों पर जल संरक्षण की दिशा में तालाब व टैंक तैयार किया जा रहा है।

जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह ने कहा, भू-जल संवर्धन के लिए मैप तैयार किया गया है, जिस पर काम हो रहा है। इससे आने वाले समय में ग्राउंड वाटर लेवल बढ़ेगा। साथ ही हरियाली भी आएगी। जीआइएस सर्वे के आधार पर पूरी प्रक्रिया को अपनाई गई है। अविभाजित राजनांदगांव जिले के 813 पंचायतों के 1358 गांवों में जल संरक्षण के लिए काम हो रहा है। इन गांवों में करीब 5349 टैंक नुमा तालाब तैयार किए जा रहे हैं। वन विभाग ने नौ लाख 89 हजार 70 हेक्टेयर में करीब 151 टैंकनुमा तालाब बनाए हैं।

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